नमस्कार साथियों,
आशा है आप सभी कुशल पूर्वक होंगें और अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त होंगें, कई साथी प्रश्न पूछते हैं कि ये गुड़-गोबर क्या है?
मन में जिज्ञासा होनी चाहिए, वास्तव में "गुड़-गोबर" एक लोक अभियान है आत्मनिर्भर गाँव की दिशा में एक नन्हीं सी पहल। भारतीय गाँव के प्रति, गुड़ और गोबर के प्रति लोगों की हीन भावना को परिवर्तित करने की पहल। अगर मैं अल्प और सीमित शब्दों में समझाने का प्रयास करूँ तो इस नकारात्मक शब्द को जिस दिन हम सकारात्मक बना सकेंगें उस दिन इस लोक अभियान का संकल्प पूरा हो जाएगा।
मुझे ज्ञात है कि इस नाम के साथ इस अभियान से जुड़ना सामान्य मनुष्य के लिए कठिन है लेकिन जिस दिन पढ़े-लिखे लोग अति आधुनिकतावाद और बाजारवाद की दुनिया से निकलकर गाँव के प्रति अपना सकारात्मक दृष्टिकोण बना लेंगें उस दिन यह सरल हो जाएगा...
धन्यवाद,
इसी आशा के साथ
-डॉ. प्रशान्त कुमार मिश्र

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